आखिरकार ट्रम्प ने स्वीकार की अपनी हार. . . .

क्या था मामला ????????

जब अमेरिकी कांग्रेस का सत्र चल रहा जहाँ अमेरिका के हिसाब से छह जनवरी को अमेरिकी कांग्रेस में जो बाइडन को पिछले साल तीन नवंबर को हुए चुनाव में मिली जीत की पुष्टि के लिए पुष्टि होनी थी। यह सिर्फ एक औपचारिकता होती है लेकिन रिपब्लिकन सांसदों ने कुछ चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उपराष्ट्रपति माइक पेंस पर दबाव डाल रहे थे कि वो बाइडन को जीत का सर्टिफिकेट ना दें।यह सत्र चल ही रहा था की तभी ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई पुलिस बलों से झड़प हुई। कई ट्रंप समर्थक हथियारों से लैस थे. ट्रंप समर्थकों ने खिड़कियां तोड़ दीं और पुलिस वालों से भिड़ गए। इसी दौरान एक महिला को गोली लगी और बाद में मौत हो गई। बाद में ट्रंप ने अपने समर्थकों को घर जाने के लिए कहा लेकिन ये दावा भी दोहराया कि चुनाव में उन्हें जीत मिली है।

इस मामले में जो बाइडन का फुट पड़ा गुस्सा ..

विलमिन्गटन से बोलते हुए बाइडन ने कहा, ”लोकतंत्र अप्रत्याशित रूप से ख़तरे में है. मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपील कर रहा हूं कि वो नेशनल टीवी पर जाएं और अपनी शपथ का पालन करते हुए संविधान की रक्षा करें और कैपिटल को कब्जे से मुक्त कराए कैपिटल में घुसकर खिड़कियाँ तोड़ना, फ्लोर पर कब्जा कर लेना और उथल-पुथल मचाना विरोध नहीं फसाद है.”

कांग्रेस सन्युक्त सत्र के बाद,ट्रम्प ने मान ली है हार..

हंगामे के बीच कांग्रेस के संयुक्त सत्र ने तीन नवंबर को हुए चुनाव में राष्ट्रपति पद पर जो बाइडन एवं उपराष्ट्रपति पद पर कमला हैरिस को मिली जीत को सत्यापित कर दिया। अब 20 जनवरी को जो बाइडन देश के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। बाइडन की जीत पर मुहर लगाने के बाद ट्रम्प ने अपनी हार मान ली है उन्होंने कहा कि 20 जनवरी को जो बाइडन को सत्ता का ‘व्यवस्थित’ हस्तांतरण किया जाएगा। बता दें कि ये पहली बार है जब ट्रम्प ने अपनी हार मानी है। वरना आज तक वो यही कह रहे थे की चुनाव में धान्द्ली हुई है।

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